पहली बार बनारस आने का मौका मिला था 2015 में, जब छोटे भाई का एडमिशन BHU में होना था। हालांकि कॉलेज होस्टल न मिलने की वज़ह से मैंने कहा था कि भाई मत पढ़ इसमें। भाई ने एडमिशन वापस ले लिया और आज तक इस टॉपिक पर बात होती है तो कहता है कि मेरी वज़ह से वो BHU में नहीं आ पाया। अब मैं कहता हूँ कि भाई BHU में आ गया रहता तो मोतिहारी के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी का अपने बैच का टॉपर कैसे बनता ? और राष्ट्रपति को क़रीब से देखने को मौका मिलता ?
मन्टू कहानी कम से कम बता फ़ोटो शेयर कर ज्यादा से ज्यादा.. ok ok.
20, 21, 22, 23, 24 जनवरी 2024 🙂
20 जनवरी 2024-













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21 जनवरी 2024






































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23 जनवरी 2024

























































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24 जनवरी 2024




















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ख़त्म
अपनी मन की सुनिए। मन कभी भी टेढ़े रास्ते पर नहीं ले जा सकता। आप दृढ़निश्चयी हैं तो मन की औकात ही नहीं कि कभी हमें उलझन में डाल दे। हाँ, वही मन जो हमारे बेहतरी के लिए प्रेरित करता है तो वही मन कभी हाथ भी खड़े कर देता हैं। पर यकीन मानिए कि संतुलन साधना सीख गए, किसी से पूछने की ज़रूरत नहीं कि संतुलन कैसे साधे, मन बख़ूबी जानता है, तो आप अपने मन की स्वच्छंदता भी ख़ुशी-खुशी स्वीकारेंगे। एक्सेप्टेंस/स्वीकार्यता बहुत ही बड़ी चीज है। मन को कभी-कभी हाथ खड़े करने भी दीजिए, बहकने दीजिए उसे, बहक के जब वापस लौटेगा तब उसे उस आयाम का आभास होगा जिधर जाने के लिए नियति ने तय किया है। समझे आप ? मैं भी समझ रहा हूँ अभी ये सब। नियम में मत बंधिए। अपवाद कभी भी नियम नहीं होता है।
प्रकृति और अपने स्व के ख़िलाफ़ जाकर कुछ भी करना हमें हमारे प्रारब्ध के मार्ग में ऐसी मुश्किलें खड़ी करता है जिसके लिए हमारे जन्म चक्र से मुक्ति का मार्ग और दूर होने लगता है, समझ नहीं आ रहा है ? लोड मत लीजिए वो कीजिए जो आपका मन चाहता है, फिर समझ जाएँगे, अभी भी नहीं समझ आ रहा ?
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उस व्यक्ति के पास सबकुछ आ जाता है जो ये जानता है कि इंतज़ार कैसे किया जाता है ~ लियो टॉलस्टॉय
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और
है कौन विघ्न ऐसा जग में,
टिक सके आदमी के मग में?
ख़म ठोंक ठेलता है जब नर
पर्वत के जाते पांव उखड़,
मानव जब जोर लगाता है,
पत्थर पानी बन जाता है। ~ दिनकर 🙏
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फरवरी में 10-18 फरवरी तक प्रगति मैदान में वर्ल्ड बुक फेयर लग रहा है। वहाँ मिलना होगा अब। बहुत सी किताबों तक मेरी पहुँच होगी तो कईं ख़ास लोगों से मिलना भी होगा, और महीना भी तो फरवरी का है भई 😉











































































































