नीमच ~ मध्यप्रदेश :)

14-15-16 अक्टूबर 2020

नीमच जो राजस्थान और मध्यप्रदेश के बॉर्डर पर स्थित 1998 में मंदसौर जिले से अलग करके बनाया गया है जो अफ़ीम की खेती के लिए भी जाना जाता है। साथ ही पैरा मिलिट्री फ़ोर्स CRPF की जन्मस्थली भी है नीमच।

उदयपुर से चित्तौड़ जाने के लिए बस में बैठ चुका था। नीमच वाला दोस्त महेंद्र भाई फ़ोन पर कहते हैं कि चित्तौड़ न जाके नीमच आ जाओ, किला 5 बजे बंद हो जाता है तो नीमच पहले आओ और फ़िर चित्तौड़ जाना। खरीदा गया टिकट एक इच्छुक ग्राहक को थमा के नीमच वाली बस की टिकट लेकर और और और और….

निम्बाहेड़ा, चित्तौड़ का एक छोटा शहर जो सीमेंट उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहाँ से 1 घन्टे के बाद नीमच 🙂

पंकज भाई, उदयपुर से साथ चले थे, रास्ते भर आस पास घूमने वाली जगह के बारे में बताते रहे, निम्बाहेड़ा बस स्टैंड पहुँच के कहते हैं चलो भाई घर मेरे। मुमकिन तो था नहीं पर अगली बार इधर जब भी आना हुआ पंकज भाई उज्जैन और बाकी जगह घुमाएँगे मुझे। जब तक नीमच रहा पंकज भाई फ़ोन करके हाल चाल लेते रहे ❤

5₹ की चाय, मैंने ये मान लिया था कि 5₹ की चाय अब कहीं नहीं मिलती होगी।

नीमच लेने महेंद्र भाई आ गए, अब यहाँ से 40 km दूर कुकड़ेश्वर गाँव जाना है, जहाँ महेंद्र भाई का गाँव है उनके सारे ही रिश्तेदार हैं। उनका होने वाला ससुराल भी कुछ घर छोड़ के ही.. मैंने सोचा भी है कि मैं भी बड़ा होकर ऐसा ही करूँगा, एक ही गाँव में सारे रिश्तेदार। फ़िर कोई मेरा दोस्त आयेगा तो एक वक़्त का खाना बड़ी दीदी के, दोपहर का खाना मौसी के, शाम की चाय बुआ के, रात का खाना नानी के, सुबह की चाय छोटी दीदी के, पोहे ससुराल के.. ऐसे करूँगा.. जैसे मेरे साथ महेंद्र भाई ने किया 😂

मनासा तहसील जिसमें कुकड़ेश्वर गाँव शामिल है के विष्णु मामा भोजनालय में दाल-बाफला 👌

गाँव पहुँचकर रात को बाल्टी भर के कॉफ़ी ❤

जिसे मैंने काढ़ा समझ के ठंडा हो जाने का इन्तज़ार करता रहा, वहीं काढ़ा जो शिवराज सिंह सरकार ने पूरे राज्य के हरेक घरों में बांटा है।

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15 अक्टूबर 2020 🙂

फ़िर मैं और महेंद्र भाई पैदल ही पूरे गाँव का चक्कर काटे और फ़िर पोहे ❤

देवकिशन जी, महेंद्र भाई के होने वाले ससुर जी 🙂

हमारी 30 मिनट बातें हुईं और अंकल जी के आध्यात्मिक व्यक्तित्व से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।

जयप्रकाश चौकसे ❤

अब चलते हैं खेत पर 🙂

लहसुन की रोपाई

संजू दीदी 🙂

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वादर महल की बावड़ी और श्री चमत्कारी हनुमान मंदिर फूलपुरा

पवन भाई उनके दादा जी विष्णु दास जी, जिन्होंने बावड़ी और मंदिर के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई।

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मक्के के ढोकले या हाजी के लड्डू 🙂

आज कॉफ़ी समझ गरम गरम पी

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16 अक्टूबर 2020 🙂

5 बजे उठे सुबह। महेंद्र भाई चाय बना रहे थे। आज पठार पर जाना था।

❤❤❤ 💕

पान की खेती, ललित भईया 🙂

ललित भईया एक कर्मठ किसान है। पान की खेती में जी जान से लगे हैं। इसबार पानी की कमी हुई फ़िर सिचाई के सारे आधुनिक टेक्नोलॉजी यूज़ करके अच्छी पैदावार होने की उम्मीद लिये हुए हैं। पान का भी चाय के पौधे जैसा है। एक बार लगा दिए और उसमें से तोड़ते जाओ। ललित भईया के दादा जी के वक़्त का रेकॉर्ड है एक ही रोपाई से 16 साल तक पान निकालते रहने की।

इसे अंधविश्वास तो कदापि न माना जाए, अमावस होने की वज़ह से हम मुख्य खेत के बाहर ही खड़े होकर तस्वीरें लीं। इसके पीछे क्या वैज्ञानिकता है आप पता कीजिए 🙂

ललित भईया 🙂

बहुत ही ख़ास व्यक्तित्व से मिलने का मौका मिला। ये वेशभूषा से नहीं अपितु मन से संत है। ढ़ोंगपन का रत्तीभर भी वजूद नहीं है इनके पास। कारू बा 🙏

क़ाबया ❤❤❤

मोती तो हद चालू जीव, जो खड़ा है

चूल्हे पर की गोवर्धन भईया की हाथ की चाय

कारू बा से आशीर्वाद ले लिये, साथ में ये भी कि गाँव के ही मेरे कम्युनिटी के घर से मेरी शादी की बात करेंगे। मैं जल्दी ही नाना जी को कुकड़ेश्वर भेजता हूँ 🙈

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महेंद्र भाई के गुरु जी। गणित पढ़ाते हैं वो भी कैल्कुलस जिससे मुझे मौत आती थी, शायद पढ़ाने वाले सर लोगों को भी कैल्कुलस से नफ़रत थी।

उपले पर बने दाल-बाटी ❤

2 किलो ज़्यादा खाया मैंने 🙂

ट्विंकल भईया, संगीत से जुड़े हैं, यूट्यूब चैनल है इनका।

इनके लिए शुभकामनाएं

महेंद्र भाई का घर

अंकल जी की निशानी

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मालवा की वैष्णों माता~ भादवा माता मंदिर

🙏🙏🙏🙏🙏

महेंद्र भाई नीमच आके चित्तौड़ वाली बस में बिठा दिए 🙂

फ़िर दिसंबर में आना पड़ रहा है नीमच

अब चित्तौड़ मिलते हैं 💕

झीलों की नगरी ~ उदयपुर :)

12-13-14 अक्टूबर 2020

अजमेर से चित्तौड़गढ़ जाने का था पर उदयपुर का फाइनल हुआ

अजमेर रेलवे स्टेशन जाते हुए :

रास्ते में नसीराबाद, आर्मी छवानी, जहाँ मेरी स्कूलिंग हुई 🙂

अभी लौटते हुए यहाँ भी जाना है!

टेक्सटाइल सीटी ऑफ इंडिया ~ भीलवाड़ा

“ऐसे ही रेंडमली खींची गईं तस्वीरें कभी-कभी शानदार क़ैद हो जाती है। कंपार्टमेंट के बीच से जाते हुए भईया का हाथ जबकि मैं खिड़कियों से सूरज को क़ैद कर रहा था”

और 12 अक्टूबर की रात को 21:32 पर उदयपुर रेलवे स्टेशन पर था जिसे पूर्व का वेनिस भी कहते हैं। झीलों की नगरी तो है ही।

जोस्टल हॉस्टल 🙂

बुकिंग के वक़्त ध्यान नहीं दिया था और हॉस्टल जाके देखा तो बिल्कुल पिछोला झील के लगते ही था 😍

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13 अक्टूबर 2020 🙂

चार बेड का हॉस्टल रूम, पहले पार्टनर प्रियदर्शन भाई, कोटा से हैं और साईकल से भारत के सभी जिले कवर करने वाले हैं, राजस्थान के 6 जिले कवर करके उदयपुर 7वें जिले के रूप में पधारे हैं और 8वां नंबर राजसमंद जिले का है।

गणगौर घाट 🙂

फ़तह सागर झील 🙂

SK Sharma अंकल जी। 71 वसंत देख चुके हैं, 1968-1970 में बिहार रहे हुए हैं। इंजीनियर के पद से रिटायर होकर, शांत चित्त से बुढापे(बुढापा जैसा कुछ होता नहीं पर) की तरफ बढ़ रहे हैं। फ़िल्मों के दीवाने हैं। आगे का फ़तह सागर झील अंकल जी के साथ चलते हुए ही घूमे।

हॉस्टल वापस आ गए-

हॉस्टल का कॉमन एरिया 💃

दूसरे रूम पार्टनर सिदार्थ भईया, दिल्ली के पंजाबी बाग़ से हैं और जयपुर में जॉब है। मेकैनिकल इंजीनियर हैं। और मेरी कविताएँ पढ़ के कहते हैं – “तुम upsc क्लियर कर लोगे तो हम एक बेहतरीन कवि को खो देंगे।

सिदार्थ भईया, अपने कंपनी के काम से भीलवाड़ा रवाना हो गए, प्रियदर्शन भाई साईकल से 8वें जिले राजसमंद के लिए 🙂

खाना खाते हैं, झाड़ा गणेश चौक पर, चांदपोल के आउटर में just eat corner restaurant घर का ही खाना, सस्ता टिकाउ पचाऊ खाना..

विजय जी अपने बेटे मुकेश और धर्मपत्नी के संग मिल इसे रन करते हैं। प्रियदर्शन भाई मुझे लेके यहाँ आए मैं विवेक भाई को लेके आया.. विवेक भाई के बारे में बताते हैं आगे 🙂

अब जिस ख़ास शख़्स से मिलना था, मिल लिये उनसे उनका गिफ़्ट और ख़ुद के हाथ से उनका बनाया नान खटाई + चॉकोलेट ट्रफल लपक के लिया और नियम के मुताबिक़ जिनसे पहली बार मिलता हूँ तो एक किताब गिफ़्ट करता हूँ तो वो किताब दे दी। पर ये मोहतरमा ग़ुनाह कर बैठीं, एक कप चाय पीने जितना भी वक़्त न दे सकीं मुझे.. पर कोई नहीं, माफ़ी माँगती रहीं कि फ़िर कभी मौका मिलेगा ही… 🙂

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अगले रूम पार्टनर आए विवेक भाई, हरियाणा के हिसार से हैं। और अंदर इनके एक शानदार म्यूरल आर्टिस्ट छूपा बैठा है। रेवले में जूनियर इंजीनियर के पद पर सेलेक्ट हुए हैं ट्रेनिंग लेने उदयपुर आए हैं..

जगदीश मंदिर 🙂

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14 अक्टूबर 2020 🙂

बादशाह है ये, इसके जैसा हद आलसी जीव मैंने आज तलक नहीं देखा

JCB की ख़ुदाई देखना उदयपुर घूमने से ज़्यादा ज़रूरी हो गया था 😂

शशांक भईया, पटना से हैं। मुंबई में एक्टिंग से जुड़े हैं, भारत भ्रमण पर निकले हैं।

अतीत भईया, धर्मशाला से हैं और स्कूटी से भारत भ्रमण पर निकले हैं, आगे बनारस जा रहे हैं।

क्यों ढूँढे ???

हवा में बह रही है ज़िन्दगी….

अब नीमच मिलेंगे 🙂

अजमेर :)

8 oct 2020 को जयपुर आ गया। जयपुर आने पर श्रीपाल भाई(जोधपुर) से बात हुई तो कहते हैं मन्टू भाई कहीं घूमने चलो। (जेनेरल कैटगरी में आने की वज़ह से श्रीपाल भाई का इस बार upsc प्री नहीं निकल रहा है) मैंने कहा “मैं जयपुर आ गया हूँ, अजमेर आने का मन है ही ऐसा करो कि आप जोधपुर से अजमेर पहुँचों मैं जयपुर से अजमेर पहुँचता हूँ, आपको अजमेर घुमा देता हूँ” श्रीपाल भाई का अजमेर कभी घूमना भी नहीं हुआ था। और अगले दिन (9 oct 2020 को) हम अजमेर में मिल गए..

9 oct की सुबह जयपुर में

अजमेर के रास्ते में, किशनगढ़ के क़रीब

अजमेर आने के मेरे कईं वज़हों में एक ख़ास वज़ह ये है कि आंटी जी दाल-बाटी स्पेशल बना के रखती ही हैं मेरे लिए.. आंटी जी जब फ़ोन पर बुलावा भेजती हैं तो यहीं कहती हैं कि आजा भाई तेरे बहाने हम भी स्पेशल दाल बाटी बना लेते हैं 😂

श्रीपाल भाई के आने में देरी हो रही थी तबतक सोचे एक फ़िल्म निपटा देते हैं Ginny Weds Sunny ❤

आ गए श्रीपाल भाई 🙂

आना सागर झील ❤

चलो बच्चों अब पुष्कर 💃

पहले कॉफ़ी पी लेते हैं ❤ 🙂

लवली और मैं 🙈 पुष्कर लेक के घाट किनारे 🙂

इत्ता सन्नाटा पुष्कर में मैंने तो कभी नहीं देखी थी।

अंतरिक्ष सक्सेना 😙

ब्लैक टी + पिज़्ज़ा 💘

चलो वापस.. मंदिर तो बंद है..

जाते वक़्त भी मेरा और अंतरिक्ष का गाना शुरू था, लौटते वक़्त भी गाते गाते अजमेर पहुँच गए.. लवली के आईस क्रीम खाने का रह ही गया 😂 रास्ते कम पड़ गए हमारे गाने नहीं..

हल्दी दूध + चेस 🙂

लवली बढ़िया चेस खेलता है। हालांकि दोनों गेम में मैं डोमिनेट कर रहा था पर दोनों गेम में मामूली सी मेरे से ग़लती हुई और मैं हार गया.. कोई ना। अपनी ग़लती से हारा, लवली ने लपेट के नहीं हराया 😎

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10 oct 2020 🙂

धोला-भाटा जहाँ हम रहते थे, उन आंटी जी से मिल के भी आ गया।

❤❤❤

आंटी जी को पता चल गया कि श्रीपाल भाई के मिठाई की दुकानें हैं गुज़रात में.. फिर क्या था, श्रीपाल भाई को ज़िम्मेदारी दी गयी कि बना के खिलाओ कुछ.. तो भाई ने जो प्याज़ की कचौरी बनाई है ना… दुकान वाले भी आगे नहीं टिकेंगे 😂 मज़ाक नहीं, सच में.. कचौरी खाकर आंटी जी अंकल जी लवली पूजा मैं, सब झूमने लगें

😋😋😋

श्रीपाल भाई 10 को रात में आगरा के लिए निकल लिये, 11 को उनका UPPCS एग्जाम था।

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11 oct 2020 🙂

आज पहाड़ चढ़ना था.. अंतरिक्ष ने कहा था जल्दी सो जाना.. और सुबह लवली को भी ले ही आना…

मैरी कॉम और संजू फ़िल्म के गाने 🙂

कर हर मैदान फ़तह..

अब कहाँ को देख रहे हो ? Mantuuu मियाँ ?

नए हमराही 🙂

महबूब अंकल.. अपने दोनों बेटों को लेकर दूसरी साइड से पहाड़ चढ़ रहे थे जो हमारे वाले रास्ते से आसान था..पर अंतरिक्ष का घर बिल्कुल पहाड़ के नीचे ही है। आसान रास्ते के लिए हम पहाड़ के दूसरी तरफ़ जाना पड़ता…

महबूब अंकल योगा टीचर हैं.. पहले मेयो कॉलेज में म्यूजिक टीचर थे। अंकल जी की एक बात दिल में पैठ गयी। “साँसों पर नियंत्रण कीजिये, इसी वज़ह से कछुआ ख़रगोश से ज़्यादा समय तक जीता है।

अंकल जी को अंतरिक्ष ने बता दिया कि मैं बिहार से आया हूँ, करोना में घूम रहा। अंकल जी कहते हैं मुंगेर गए हो कि नहीं ? अगली बार बिहार जाता हूँ तो पक्का जाऊँगा

इस पहाड़ का नाम मदार पहाड़ है। ऊपर इसके मज़ार है

उतरते हुए आसान रास्ता हमने चुना और उतरे तो पहुँच गए कुन्दन नगर, जहाँ AR Rahman सर का अजमेर वाला घर है 😍

दिन का खाना(नॉन वेज) अंतिरक्ष के घर था।

फ़िर जो महफ़िल जमी है… वाह, क्या बात क्या बात

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12 oct 2020 🙂

अजमेर में आज आख़िरी दिन

ख्वाजा जी..

नीमच वाले के पोहे + जलेबी + कढ़ी कचौरी ❤

Haaaaaaaaaay ❤❤

मसाला डोसा खा लो दोस्तों

और हाँ, न्यूज़ मैं नहीं लवली देख रहा है 😂😂

शुक्रिया अजमेर 🙂

चलो….. शाम को उदयपुर के लिए ट्रेन है 💃

….ज़िन्दगी गुलज़ार है 🙂