“हुनर सिखाया नहीं जाता है, हासिल किया जाता है। मैं आपको कैमरा तो दे सकता हूं, लेकिन आपके अंदर विजन (नज़र) पैदा नहीं कर सकता।”
– रघु राय {Indian photographer and photojournalist.}
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ये तस्वीरें 2012 से लेकर 2020 तक की हैं। गाँव से लेकर अलग-अलग शहरों तक, जहाँ घूमा जहाँ कुछ सीखा जहाँ बहुत कुछ ख़ुद से छोड़ के आ गया जहाँ से ढ़ेर सारा जीवन समेटकर लौटा और अब लगता है कि अभी कितना कुछ सीखना बाकी है, कितना कुछ जीना बाकी है।
ख़ैर, आज वर्ल्ड फ़ोटोग्राफी डे होने की वज़ह से सोचा कि जो मुझे अच्छी तस्वीरें लगती हैं उन्हें एक साथ करके एक ब्लॉग पोस्ट बना लूँ तो उसी का ये नतीजा कह सकते हैं 🙂
लो सफ़र शुरू हो गया… 🙂

2014, दीपही गाँव, चम्पारण

2014, दीपही गाँव, चम्पारण

2014, चिरैया, मोतिहारी

2015, दीपही गाँव, मछली 😍

2015, दीपही गाँव

2012, चितौड़गढ़, राजस्थान

2012, जयगाँव, पश्चिम बंगाल, भारत-भूटान बॉर्डर

2020, शहर- मोतिहारी, बिहार

2016, मोतिहारी

2016, मोतिहारी,
उड़ने को सौ पंख दिए हैं
चढ़ने को खुला आसमांमुड़ने को है करवट करवट
और बढ़ने को मेरा जहाँ…. 🙂

2016, मोतिहारी 😍

2016, मोतिहारी

2015, महात्मा गाँधी स्मारक, मोतिहारी

2017, नारेली, अजमेर, राजस्थान

2016, महात्मा गाँधी सेतु, पटना, बिहार

2016, वैशाली, बिहार

2015, वाल्मीकि नगर, बिहार का एकमात्र टाइगर रिज़र्व, भारत-नेपाल बॉर्डर पर।

2016, लालबकेया नदी, चंपारण, दुर्गापूजा मूर्ति विसर्जन

2012, जगतपुरा, जयपुर, राजस्थान

2017, राजमंदिर, जयपुर

2016, उदयपुर, राजस्थान😍

2012, भानगढ़, राजस्थान

2012, सरिस्का अभयारण्य, राजस्थान

2016, रॉक गार्डन, चंडीगढ़

2019, स्वर्ण मंदिर, अमृतसर पंजाब

2019, अटारी-वाघा बॉर्डर

2019, अटारी-वाघा बॉर्डर

2012, शिमला हिमाचल प्रदेश

2012, शिमला

2019, मॉल रोड, शिमला

2019, कुफ़्री घाटी, शिमला

2019, चाँदनी चौक, दिल्ली

2017, आगरा, ताज़महल ❤

2017 ❤❤❤

2018, रण ऑफ़ कच्छ , गुजरात, 31 दिसंबर 2018 😍

2018, रण ऑफ़ कच्छ

2019, कांकरिया लेक, अहमदाबाद , 1 जनवरी 2019 😍

2019, मथुरा

2019, वृन्दावन धाम

2019, ऋषिकेश

2019, ऋषिकेश

2019, ऋषिकेश



2019, गाँधी विहार, मुखर्जी नगर, नई दिल्ली

2019, वज़ीराबाद, नई दिल्ली

2019, अक्षरधाम, दिल्ली 🙈

2020, दीपही

2020, दीपही

2020, दीपही

2020, दीपही



2020, बटुकनाथ-मंटो, दीपही 😍

2020, दीपही-धरहरवा नहर

2020, दीपही

2015, दीपही, पहलवानी

2019, दीपही
फुटबॉल-

2014, दीपही

2016, रूपडीह, मोतिहारी

2020, दीपही

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ये जो कहते हैं कि सहारे है मेरे
मेरे भटक जाने का सबब पूछो इनसे
“फ़ोटोग्राफी, देखने का हुनर सिखाती है।” – बेरेनिस अबोट {American photographer.}
रात ने इशारे से उधर बुला लिया
सुबह से शाम से मेरा दोस्ताना
मुसाफ़िर हूँ यारों…
मुझे चलते जाना है
बस चलते जाना… – गुलज़ार