13 अप्रैल 2019 🙂
घर में मुझे छोड़ लगभग सभी जने अमृतसर जा चुके हैं। तो सभी घर वाले साथ होने पर घूमने की बात होती और बाकी घर वालों को पता चलता कि मैं अमृतसर नहीं गया हूँ तो सब कहते ”तू अमृतसर नहीं गया?”
तो इसबार सोचा चलते हैं अमृतसर
पहले चाय पी लेते हैं 😂


पंजाब के खेत 😍





पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट
ये पर्चा बाँटकर फण्ड इकठ्टा कर रहे थे, मुझे यही पर पता चला कि आज 13 अप्रैल है और आज ही जलियांवाला बाग घटना के 100 साल पूरे हो रहे हैं।



स्वर्ण मंदिर 🙂



















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जलियांवाला बाग 🙂











शहीदी कुआँ


गोलियों के निशां







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भारत-पाकिस्तान बॉर्डर 🙂
अटारी-वाघा बॉर्डर पर होने वाले परेड को देखे बिना किसी को मरना नहीं चाहिए, ख़ासकर के किसी भारतीय को 🙂













पाकिस्तान में डूबते सूरज को देखना
परेड देखते हुए रोमांचित होते हुए भावुक हो जाना
वो सफ़ेद पट्टी जो निर्धारित करता है कि उधर कोई और मुल्क है इधर भारत है
‘मंटो’ की कहानी ‘टोबा टेक सिंह’ को याद करना
दो मुल्क जो एक थे कभी या दुनिया की तमाम सरहदें, मन में कहाँ तक खींची रहती हैं ?
ख़ैर….
….चल ख़ुसरो घर आपणो
प्राचीन मिस्रवासी मानते थे कि ”जीवन के दौरान अपनी पूरी सामर्थ्य को प्राप्त करके एक अर्थपूर्ण मृत्यु को पाने की तैयारी करना जीवन का उद्देश्य है।”
अब कहाँ मिलेंगे ? पता नहीं, शायद जयपुर मिलेंगे 🙂




































































































































































































